ख़ास ख़बर | 11.10.2008
जर्मनी और फ़्रांस के रुखों में ट्युनिंग
जर्मनी और फ़्रांस निकट सहयोग और आपसी भरोसे के साथ वित्तीय संकट का मुक़ाबला करने के क़दम उठाएंगे.
अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संकट का समाधान ढूंढने के प्रयासों में के बीच सप्ताहांत में सबकी नज़रें यूरोप की ओर हैं जहां यूरोपीय संघ के अध्यक्ष फ़्रांस के राष्ट्रपति निकोली सारकोज़ी के निमंत्रण पर यूरो क्षेत्र के देशों के राज्य व सरकार प्रमुख साझा क़दमों पर विचार करेंगे और संभवतः बैंकों के लिए एक बचाव पैकेज तय करेंगे.
Bildunterschrift: Großansicht des Bildes mit der Bildunterschrift: लोगों के बीच
यूरोपीय देशों पर समय का दबाव है क्यों कि फ़ैसला सोमवार को शेयर बाज़ारों के खुलने से पहले हो जाना चाहिए. भेंट से पहले ब्रिटिश मॉडेल के लिए सम्थन दिख रहा है जो यूरो क्षेत्र में शामिल नहीं है. ब्रिटेन ने बैंकों की मदद के लिए 50 अरब पाउंड का कोष बनाया है लेकिन साथ मदद के एवज में सरकारी हिस्सेदारी की मांग कर रहा है.
जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संकट का मुक़ाबला फ़्रांस के साथ निकट सहयोग से करेंगी. मैर्केल ने कोलोम्बे ले डॉयज़ेग्लीस में राष्ट्रपति निकोला सारकोज़ी के साथ भेंट के बाद कहा कि यूरोप बाज़ार की अति का सामना कर रहा है जिस पर लगाम कसने की ज़रूरत है. उन्होंने कहा कि वे और सारकोज़ी इस पर एकमत हैं कि इस अति को सामाजिक व्यवस्था में जकड़ने में तभी सफलता मिलेगी जब फ़्रांस और जर्मनी निकट सहयोग करें.
रविवार को होने वाली बैठक से पहले इस भेंट के ज़रिए जर्मनी और फ़्रांस अपने रुखों में सामंजस्य लाने का प्रयास कर रहे हैं. पिछले कुछ दिनों में मीडिया रिपोर्टों में दोनों देशों के बीच वित्तीय संकट के समाधान पर मतभेदों के उभरने की चर्चा रही है.
Bildunterschrift: Großansicht des Bildes mit der Bildunterschrift: आडेनावर और द'गॉल
सारकोज़ी ने कहा कि इस अभूतपूर्व संकट के समय यूरोप सभी कार्यक्षम रह सकता है जब फ़्रांस और जर्मनी पूरे भरोसे और गंभीर मैत्री में सहयोग करें. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पिछले सप्ताह यूरोप के जी-8 देशों की बैठक में चांसलर मैर्केल द्वारा बचाव कोष बनाने के प्रस्ताव को ठुकराया जाना सारकोज़ी को पसंद नहीं आया था. रविवार को हो रही आपात् बैठक में यूरो क्षएत्र के देश एक बार फिर साझा रणनीति बनाने के लिए मिलेंगे.
आज की भेंट का महत्व इस बात में भी है कि फ़्रांस के वर्तमान गणतंत्र के संस्थापक चार्ल्स द'गॉल राष्ट्रपति पद से हटने के बाद कोलोम्बे ले डॉयज़ेग्लीस में रहते थे और उन्हें वहीं दफनाया गया है. 50 साल पहले इसी शहर में जर्मन चांसलर कोनराड आडेनावर के ऐतिहासिक भेंट के साथ दोनों देशों के संबंधों का नया अध्याय शुरू हुआ था. आज मैर्केल और सारकोज़ी ने नए द'गॉल स्मारक का उद्घाटन किया.
















