ताना बाना | 11.10.2008
जी-7 ने की साझा कार्ययोजना की घोषणा

आर्थिक संकट का हल निकालने के लिये दुनिया के धनी देशों जी सात समूह के वित्त मंत्रियों की कल अमेरिका में बैठक हुई. बैठक के बाद जारी विज्ञप्ति में साझा कार्ययोजना की घोषणा की गई. आइएमएफ ने भी साझा कदम उठाने की अपील की है.
जी 7 देशों के वित्त मंत्रियों ने इस बात को स्वीकार किया इस संकट से बचने के लिये हर देश के आर्थिक संकट पर अलग अलग ध्यान नहीं दिया जा सकता बल्कि वैश्विक आर्थिक संकट से बचने के लिये सबसे ज़रूरी है एक साझा कदम. लेकिन इस साझे निर्णय पर पहुंचने के लिये सभी को एक प्रस्ताव पर सहमत होना होगा.
जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल का भी कुछ ऐसा ही कहना था कि सिर्फ़ यूरोप ही नहीं या हर एक देश के लिये अलग-अलग नहीं बल्कि दुनिया भर के लिये साझा नियम बनाने की ज़रूरत है ख़ासकर उन मुद्दों पर जो पूरी दुनिया को एक साथ प्रभावित करते हैं.
जी-7 देशों के वित्त मंत्रियों ने विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि वे आर्थिक संकट के साझे हल के लिये पूरी कोशिश करेंगे.
इस विज्ञप्ति में कहा गया है कि क़र्ज़ और वित्त बाज़ार में रुकावट को ख़त्म करने के लिये तुरंत कदम उठाए जाएंगे और बैंकों और वित्तीय संस्थाओं को तरतलता और निधि के लिये व्यापक प्रबंध किये जाएंगे.
साथ ही कोशिश की जाएगी कि ये निजि और सरकारी स्रोतों के ज़रिये आवश्यक धन खड़ा कर सकें. इन प्रस्तावों को इस तरह अमल में लाया जाएगा कि इसका करदाताओं को और दूसरे देशों की अर्थव्यवस्था को नुकसान न हो.
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष आइएमएफ ने भी अपील की है कि सभी देशों के लिये साझा हल निकाला जाए.
















