ख़ास ख़बर | 10.10.2008
तीन साल में तीसरे आम चुनाव की तैयारी
यूक्रेन के राष्ट्रपति विक्टर युश्चेन्को ने संसद भंग कर दी है और मध्यावधि चुनाव 7 दिसम्बर को कराने की घोषणा की है. वहां तीन साल में यह तीसरा आम चुनाव होगा. यूक्रेन में हफ़्तों से राजनीतिक अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई थी.
पश्चिमी देशो की विचारधारा के नज़दीक माने जाने वाले राजनीतिक दल गठबंधन सरकार बचाए रखने के लिए प्रयास कर रहे थे लेकिन अंतत: ये प्रयास विफल रहे. ऐसी भी संभावना बनने लगी थी कि सत्ताधारी गठबंधन में मतभेद का फ़ायदा उठाकर रूस के नज़दीक माने जाने वाली पार्टियां सत्ता में आ सकती है लेकिन उससे पहले ही राष्ट्रपति यूश्चेन्को ने संसद को भंग करते हुए चुनावों की घोषणा कर दी.
टेलीविज़न पर राष्ट्र के नाम अपने संदेश में संसद को भंग करते हुए कहा कि उन्होंनें ये फ़ैसला संविधान के दायरे में लिया है और अब जल्द ही लोकतांत्रिक ढंग से देश में चुनाव कराए जाएंगें.
Bildunterschrift: Großansicht des Bildes mit der Bildunterschrift: पिछले महीने गिरी प्रधानमंत्री युलिया टिमशैन्को की सरकार
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में यूक्रेन की प्रधानमंत्री युलिया टिमशैन्को की कड़े शब्दों में आलोचना की. उन्होंनें कहा कि व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा, सत्ता के प्रति लालसा और राष्ट्र से पहले निजी हित साधने की प्रवृत्ति के चलते ही यूक्रेन में राजनीतिक अनिश्चितता की स्थिति बनी.
प्रधानमंत्री टिमशैन्को को भी पश्चिमी देशो के नीतियों के नज़दीक माना जाता है और एक समय वो राष्ट्रपति यूश्चेन्कों के विश्वासपात्र मानी जाती थी. दोनो ही नेताओं ने 2004 के चुनाव में मिलकर यूक्रेन में सत्ता परिवर्तन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.
टिमशैन्को की पार्टी को पिछले साल के चुनावों में मामूली जीत हासिल हुई थी और गठबंधन सरकार बनी थी. लेकिन उसके बाद राष्ट्रपति के अधिकारों में कटौती किए जाने के मुद्दे पर विक्टर यूश्चेन्को की पार्टी ने गठबंधन सरकार से समर्थन वापस ले लिया था जिसके बाद सरकार के अस्तित्व पर ख़तरा मंडराने लगा था.
लम्बे समय तक चले प्रयासों के बावजूद राजनीतिक दलों में सहमति नही बन पाई और फिर राष्ट्रपति यूश्चेन्कों ने ससंद भंग करते हुए मध्यावधि चुनावों की घोषणा कर दी.

















